पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि
चतरा।जिले के हंटरगंज प्रखंड के झगरतरी से उरैली तक गोलाई नहर के मरम्मती कार्य में बड़े पैमाने पर घोटाले की आशंका गंभीर रूप से उभरकर सामने आई है। नहर के जीर्णोद्धार और पक्कीकरण के नाम पर सरकारी राशि की खुली लूट हो रही है। कागजों पर निर्माण कार्य पूर्ण दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि हाल ही में बने ढांचे भी जगह-जगह से टूटते और बिखरते नजर आ रहे हैं।
विधायक प्रतिनिधि रोशन कुमार सिंह ने बताया कि संवेदक मनोज सिंह द्वारा कार्य में घोर अनियमितता बरती जा रही है। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि निर्माण कार्य गुणवत्ता को दरकिनार कर केवल सरकारी धन के दुरुपयोग के उद्देश्य से किया जा रहा है।
ग्रामीणों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जब विधायक प्रतिनिधि रोशन कुमार खुद स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचे तो वहां न तो विभागीय कनीय अभियंता (JE) मौजूद थे और न ही किसी प्रकार का नियमित निरीक्षण होता दिखा। यह स्थिति विभाग और संवेदक के बीच संभावित मिलीभगत की ओर इशारा करती है,जिसके कारण घटिया निर्माण कार्य को बढ़ावा मिल रहा है। इस लापरवाही और भ्रष्टाचार से क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
किसानों का कहना है कि वर्षों बाद नहर से सिंचाई की जो उम्मीद जगी थी, वह भी अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।
रोशन कुमार सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि इस प्रकार का भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
झगरतरी से उरैली तक चल रहे इस निर्माण कार्य में जिस स्तर की अनियमितता और लापरवाही सामने आई है, वह अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।रोशन ने मांग की है कि संबंधित विभाग अविलंब उच्चस्तरीय जांच कराए, दोषी संवेदक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए तथा निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप पुनः गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए। यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाते हुए व्यापक जनआंदोलन और उच्चस्तरीय जांच की मांग करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।