पूर्वांचल सूर्य ब्यूरो
चतरा। जिले के सदर प्रखंड क्षेत्र के भोज्या गांव में दो मासूमों और उसकी मां के तालाब में डूबने से मौत होने के बाद चतरा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के नाम पर अवैध ढंग से वसूली किए जाने का मामला संज्ञान में आने के बाद उपायुक्त रवि आनंद ने इस मामले में गंभीरता पूर्वक संज्ञान लेते हुए तत्काल एक चार सदस्य जांच कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी का गठन सदर एसडीओ के नेतृत्व में किया गया है।
गौरतलब है कि पोस्टमार्टम के नाम पर जब तक अकाउंट में ढाई हजार रुपए नहीं डाले गए तब तक पोस्टमार्टम नहीं किया गया और परिजनों के साथ टालमटोल की स्थिति बनी रही। अंततः पैसे का भुगतान करने के बाद ही पोस्टमार्टम हुआ। इस बात को लेकर परिजनों में काफी आक्रोश था। आक्रोशित परिजनों ने चतरा के नए उपायुक्त रवि आनंद से इसकी शिकायत की। परिजनों द्वारा की गई शिकायत पर उपायुक्त के द्वारा त्वरित संज्ञान लिया गया। प्रारंभिक जांच में ही सिविल सर्जन डॉक्टर सत्येंद्र कुमार ने इस बात की पुष्टि कर दी की अस्पताल के स्वीपर ने अवैध राशि की वसूली की है। इस प्रकार के घृणित मामले के संज्ञान में आने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है।
इस मामले में उपायुक्त रवि आनंद द्वारा चार सदस्यीय टीम का जांच के लिए गठन किया है,इसका नेतृत्व चतरा सदर एसडीओ जहूर आलम करेंगे।साथ ही सदर अस्पताल के सिविल सर्जन, उपाधीक्षक और प्रबंधक को इस जांच कमेटी में शामिल किया गया है। कमेटी को 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश उपायुक्त द्वारा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में सम्मिलित स्वीपर के साथ-साथ अन्य शामिल स्वास्थ्य कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी और मामले में संलिप्त लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
उपायुक्त रवि आनंद ने कहा है कि पीड़ित परिवार के साथ इस प्रकार की अमानवीयता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में उपयुक्त में स्पष्ट रूप से कहा है कि जो भी लोग इसमें शामिल है उन्हें चिन्हित कर उनके ऊपर प्राथमिकी दर्ज करते हुए अविलंब बर्खास्तगी की कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया है। उपायुक्त ने कहा कि इस प्रकार की अमानवीय एवं घृणित अपराध को लेकर प्रशासन जीरो टॉलरेंस पर काम करेगा। बताते चलें कि सदर अस्पताल चतरा में इससे पूर्व भी इस प्रकार के मामले संज्ञान में आते रहे हैं।