चार श्रम संहिताओं के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियन ने मनाया काला दिवस केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

चार श्रम संहिताओं के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियन ने मनाया काला दिवस केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर की नारेबाजी

02 Apr 2026 |  8

 



पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि



​चितरा/देवघर। देशव्यापी आह्वान पर बुधवार को चितरा कोलियरी स्थित वर्कशॉप गेट पर संयुक्त ट्रेड यूनियन (एसपी माइनर चितरा) द्वारा केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ काला दिवस मनाया गया। इस दौरान कोलियरी के मजदूरों ने हाथों में काला बिल्ला बांधकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से चारों श्रम संहिताओं को तत्काल वापस लेने की मांग की।



​मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश



​गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए एटक कोयला फेडरेशन के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कॉमरेड पशुपति कोल ने कहा कि 27 मार्च 2026 को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र क्षेत्रीय फेडरेशनों द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार आज पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। पशुपति ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार नए श्रम कानून मजदूरों को गुलाम बनाने वाले काले कानून हैं। इन कानूनों से मजदूरों के अधिकार छिन जाएंगे और उनका शोषण बढ़ेगा।



​पीएम के नाम सौंपा गया पत्र



​यूनियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक मांग पत्र भी जारी किया है।पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मजदूर वर्ग इन संहिताओं को कभी स्वीकार नहीं करेगा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इन कानूनों को वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



​मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे



​इस विरोध प्रदर्शन और गेट मीटिंग में मुख्य रूप से पशुपति कोल , होपनी मरांडी, राम मेहरा, छोटेलाल टुडू, रामेश्वर प्रसाद महतो, मनमोहन हेम्ब्रम, मनेश्वर मांझी, समसुल अंसारी, जाकिर अंसारी, रामप्रसाद दास, राजू दास, बालेश्वर मुर्मू, डोमन कुमार दे, हराधन मरांडी, मेटू महतो और बलदेव प्रसाद महतो सहित सैकड़ों की संख्या में मजदूर उपस्थित थे।


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