इसरी बाजार में अतिक्रमण बरकरार,प्रशासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई

इसरी बाजार में अतिक्रमण बरकरार,प्रशासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई

14 May 2026 |  13

 



पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि



डुमरी।इसरी बाजार में पांच दिन पहले हुई दर्दनाक दुर्घटना अभी लोगों की यादों में ताज़ा है,लेकिन बाजार में अतिक्रमण और लापरवाही पहले की तरह जारी है। पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा दुर्घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए गए कदमों को स्थानीय व्यापारी और अतिक्रमणकर्ता लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। 



11 मई को अनुमंडल कार्यालय सभागार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और व्यवसायिक संगठनों के साथ हुई बैठक में अनुमंडल प्रशासन और पुलिस ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए थे।इनमें वनांचल चौक गिरिडीह रोड से इसरी बाजार चौक और स्टेशन रोड तक अतिक्रमण हटाने,फुटपाथ खाली कराने,टेम्पो-टोटो को निर्धारित स्थान पर खड़ा करने, चौक-चौराहों पर सब्जी न बेचने,ठेला-गुमटी न लगाने और दिन में बड़ी गाड़ियों को बाजार में प्रवेश न करने का स्पष्ट आदेश शामिल था,लेकिन इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है।बुधवार को दिन के समय ही इसरी बाजार में ट्रक घुसा और सामान उतारा गया।गिरिडीह रोड और वनांचल चौक के आसपास गुमटी व झुग्गी-झोपड़ियाँ अब भी कायम हैं। 



सबसे चिंताजनक यह है कि लोग सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसे किराए पर चढ़ा रहे हैं।एक व्यक्ति तीन-चार दुकानों का भाड़ा वसूल रहा है और प्रति दुकान 2 से 3 हजार रुपये मासिक ले रहा है। इसी प्रकार फुसरो रोड स्थित ओवरब्रिज के नीचे और एनएच-19 के फुटपाथ पर भी अतिक्रमण बरकरार है। सर्विस रोड और फुटपाथ पर ईंट-बालू-छर्री डंप कर दी जाती है, जिससे राहगीर मजबूरन सड़क पर चलने को विवश हैं और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। 



झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो ने बताया कि उन्होंने फुटपाथ और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर,अनुमंडल प्रशासन,जिला एवं राज्य स्तर के अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन सख्ती नहीं बरतता है,तो इसरी बाजार में पुनः किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी।


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