यूपी के बड़के जिले प्रतापगढ़ के आंवले के साथ अब गुलाब जामुन से बढ़ेगा देश-विदेश में लोगों का स्वाद,रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

यूपी के बड़के जिले प्रतापगढ़ के आंवले के साथ अब गुलाब जामुन से बढ़ेगा देश-विदेश में लोगों का स्वाद,रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

14 May 2026 |  23

 



प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश में बड़के जिले में शुमार प्रतापगढ़ का नाम आते ही हर किसी के मन में आंवला के उत्पादों की तस्वीरें छा जाती हैं।आंवले की कैंडी,मुरब्बा,बर्फी और लड्डू के नाम से मुंह से पानी टपकने लगता है।अब बड़के जिले की गुलाब जामुन का स्वाद हर जुबां चखेगी।एक जनपद-एक व्यंजन योजना से यह संभव हो पा रहा है।शासन स्तर से पहल हो चुकी है।अब धरातल पर काम होगा।



रोजगार के अवसर भी 



इससे प्रतापगढ़ की पहचान बढ़ेगी और साथ ही तमाम लोगों को रोजगार भी मिलेगा।शासन की महत्वाकांक्षी एक जनपद-एक उत्पाद योजना में आंवले के उत्पाद का चयन हुआ ही है। अब एक जनपद-एक व्यंजन योजना में आंवले के उत्पाद और गुलाब जामुन को शामिल किया गया है। शासन से प्रतापगढ़ जिले के पारंपरिक व्यंजन को नई पहचान दी गई है।



मिलेगी गुलाब जामुन को पहचान 



प्रतापगढ़ जिले में लगभग आठ हजार हेक्टेयर में आंवले की बाग हैं। उत्पादन भी लगभग 75 हजार मीट्रिक टन का होता है। प्रतापगढ़ के आंवले से कैंडी,मुरब्बा,अचार,बर्फी,लड्डू,चूरन, चटनी,टाफी आदि तैयार किया जाता है।देश-विदेश में आंवले से प्रतापगढ़ की पहचान है।अब इसके साथ ही गुलाब जामुन को भी एक अलग पहचान देने की तैयारी चल रही है।



इकाई लगाने को मिलेगा सरकारी अनुदान



दोनों उत्पाद को आधुनिक तकनीक,बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचाया जाएगा। कारीगरों को प्रशिक्षण मिलने से इसकी पहचान को और मजबूती मिलेगी। आने वाले दिनों में इसके लिए नया बाजार भी तलाशा जाएगा। मेले और प्रदर्शनी में भी दुकानें लगा सकेंगे। इकाई लगाने के लिए योजना के तहत अनुदान भी मिलेगा।



लगेंगी इकाइयां,मिलेगा रोजगार का अवसर



आने वाले दिनों में इससे बेल्हा की पहचान बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।शहर के चौक,बाबागंज,लालगंज, भुपियामऊ स्थित रेस्टोरेंट में तैयार किए जाने वाले गुलाब जामुन की अधिक मांग है।आने वाले दिनों में कई छोटी-बड़ी इकाइयां लगेेगी। तमाम लोगों को रोजगार भी मिलेगा।


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