नोएडा।लंबे इंतजार के बाद अब यात्रियों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर)से उड़ानों की शुरुआत 15 जून से होने जा रही है।इस दिन इंडिगो की पहली फ्लाइट उड़ान भरेगी।यह खबर न केवल नोएडा बल्कि पूरे एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए राहत भरी है,क्योंकि इससे देश-विदेश में यात्रा काफी आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।आधुनिक सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी नई गति देगा।इसमें मेट्रो और एक्सप्रेसवे का अहम योगदान रहेगा।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन के बाद सभी जरूरी प्रक्रियाएं और एनओसी पूरी कर ली गई हैं। शुरुआती दौर में इंडिगो अपनी सेवाएं शुरू करेगी,जबकि आगे चलकर अन्य एयरलाइंस जैसे अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी यहां से उड़ानें संचालित करेंगी। 15 जून से न केवल डोमेस्टिक फ्लाइट्स बल्कि कार्गो सेवाएं भी शुरू होंगी। इस एयरपोर्ट के चालू होने से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा और यूपी के वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
बता दें कि बीते माह 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था।कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुविधाओं का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन में अत्याधुनिक सुविधाओं को देखकर मन को बहुत संतोष हुआ। इस एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी,निवेश और विकास को एक नई गति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि नोएडा के कार्यक्रम में अपार संख्या में जुटे मेरे परिवारजनों का जोश साफ बता रहा है कि यूपी सहित देशभर में हो रहे तेज विकास को लेकर वे कितने उत्साहित हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज जिस नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ है,वह डबल इंजन सरकार के प्रयासों और हमारी कार्य-संस्कृति का शानदार उदाहरण है। इससे पता चलता है कि युद्ध के वैश्विक संकट के बीच भी भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है।हाल ही में हमारी सरकार ने उड़ान योजना को और विस्तार दिया है,जिसके तहत आने वाले वर्षों में छोटे-छोटे शहरों में 100 नए एयरपोर्ट और 200 नए हेलीपैड बनाने की योजना है।यूपी को भी इससे बहुत अधिक लाभ होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार हवाई जहाजों की रखरखाव और मरम्मत यानी एमआरओ सुविधाओं को बहुत बड़े पैमाने पर भारत में ही विकसित करने में जुटी है।इससे देश को कमाई भी होगी और युवाओं को अनेक रोजगार भी मिलेंगे।विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए हमारी सरकार आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है।मेट्रो और वंदे भारत जैसी ट्रेनें और बंदरगाहों की क्षमता का विस्तार इसी का सुपरिणाम है।
बता दें कि जब नोएडा एयरपोर्ट अपने पूरे क्षेत्रफल पर विकसित होगा,तब फ्लोरिडा के ऑरलैंडो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को पछाड़ते हुए दुनिया के चौथे बड़े हवाई अड्डे की सूची में अपना स्थान बना चुका होगा।हालांकि यह एयरपोर्ट कम से कम साल 2030 तक दिल्ली जैसा अंतरराष्ट्रीय आकार ले पाएगा।यहां एक साथ 178 विमान खड़े हो सकेंगे।