पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि
हजारीबाग।जिले के कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र के छड़वा डैम जलापूर्ति केंद्र की बदहाल व्यवस्था को लेकर हाल ही में स्थानीय अखबारों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आ गया है। तीन दिन पहले महापौर अरविंद कुमार राणा छड़वा डैम पहुंचे कर औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पाई गई गंदगी,अव्यवस्था और लापरवाही पर महापौर ने नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए थे।
महापौर अरविन्द कुमार राणा के निर्देशों का असर अब साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। जलापूर्ति केंद्र पर व्यापक स्तर पर साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। परिसर में जमे कचरे को हटाया जा रहा है,टंकियों की सफाई की जा रही है और जल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है।केंद्र के सुपरवाइजर ने बताया कि अब नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पानी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे और किसी भी प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो।
हजारीबाग शहरवासियों के लिए यह एक राहत भरी खबर है, क्योंकि छड़वा डैम से ही शहर के कई इलाकों में पेयजल की आपूर्ति होती है। लंबे समय से लोग जल की गुणवत्ता को लेकर चिंतित थे और सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे थे। अब महापौर अरविंद कुमार राणा की पहल के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि उन्हें शुद्ध और सुरक्षित पेयजल मिल सकेगा।
स्थानीय नागरिकों ने महापौर अरविंद कुमार राणा के इस कदम की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने चुनाव के दौरान जो वादा किया था,जनता के प्रति समर्पित रहकर काम करने का,उसे वे अब जमीन पर उतारते नजर आ रहे हैं। आम जनता के बीच यह संदेश गया है कि प्रशासन अब उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है।
महापौर अरविन्द कुमार राणा के निरीक्षण के बाद नगर निगम के सभी कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जलापूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और कहीं भी लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, स्वच्छता और जल गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए एक स्थायी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र के छड़वा डैम जलापूर्ति केंद्र में शुरू हुई यह पहल न केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भविष्य में बेहतर और सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की ओर भी एक सकारात्मक संकेत है। शहरवासियों को अब उम्मीद है कि प्रशासन इसी तरह सक्रिय रहकर उनकी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करता रहेगा।