स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने लगाए गंभीर आरोप,बोले- सरकार मौनी अमावस्या पर मेरी हत्या कराना चाहती थी
कहा,चापलूस संतों को पसंद कर रहे हैं योगी,मंडलायुक्त व गृह सचिव को ठहराया दोषी
प्रयागराज।माघ मेला में मौनी अमावस्या स्नान पर शोभायात्रा के साथ त्रिवेणी संगम में स्नान करने जा रहे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को रोके जाने का मामला गरमा गया है।खुद के अपमान और अपने शिष्यों के साथ पुलिस की अभद्रता से आहत होकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मेला प्रशासन के खिलाफ पिछले 24 घंटे से अन्न-जल त्याग अपने शिविर के बाहर अनशन पर बैठे हैं। अविमुक्तेश्वरानंद अब इस बात पर अड़े हैं कि प्रशासन उनसे इस कृत्य के लिए माफी मांगे और उन्हें ससम्मान संगम में स्नान कराए।
मेला प्रशासन का कोई अधिकारी उनके पास नहीं गया
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल,गृह सचिव मोहित गुप्ता,जिलाधिकारी मनीष वर्मा और क्षेत्राधिकारी विनीत सिंह को इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है।वहीं मेला प्रशासन का कोई भी अधिकारी उनके पास अभी तक नहीं गया है।
मीडिया से बातचीत में सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि सरकार मौनी अमावस्या पर मेरी हत्या कराना चाहती थी।योगी चापलूस संतों को पसंद कर रहे हैं।पालकी से उतरने का दबाव इसीलिए ही बनाया जा रहा था।
उन्हे अपमानित व शिष्यों से अभद्रता की गई
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मौनी अमावस्या पर पालकी यात्रा रोके जाने की पूरी घटना बताई कि किस तरह उन्हें अपमानित कर वापस लौटाया गया,उनके शिष्यों के साथ पुलिस वालों ने अभद्रता की। अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि भाजपा की सरकार में गोहत्या कराकर राजनीति करने वाले सक्रिय हैं। जबकि हम गोरक्षा का अभियान चला रहे है,इसलिए हमारी हत्या का षड्यंत्र रचा है रहा है।