पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,रांची।युवा ब्रह्मषि परिवार धुर्वा द्वारा आयोजित पारिवारिक मिलन सह सामूहिक वन भोज कार्यक्रम आराध्य देव भगवान परशुराम के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान परशुराम के प्रांगण में ( कुटुंब प्रबोधन) यानी पारिवारिक चेतना पर चर्चा हुई।राजधानी रांची के विभिन्न क्षेत्रों से समाज के प्रबुद्ध जन और युवाओं के साथ-साथ नारी शक्ति की भी सहभागिता रही।
प्रबुद्ध जनों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि आधुनिकता के दौर में बिखरते परिवार को बचाना और भारतीय संस्कारों को बनाए रखना ही हम सबों का कर्तव्य है।ऐसी स्थिति में कुटुंब प्रबोधन आवश्यक है भाषा( वाणी) मधुर और मर्यादित होनी चाहिए।भूषण( वेश भूषा) शालीन होना चाहिए।भोजन(आहार) सात्विक और शुद्ध आहार जो तन और मन दोनों को स्वस्थ रख सके। भजन( भक्ति) ईश्वर का स्मरण और आत्मिक शक्ति के लिए समय निकालना अनिवार्य है।
इस मौके पर अधिवक्ता धीरज कुमार,रमाकांत आनंद,रत्नेश कुमार,अनिल शर्मा,उमाकांत सिंह,बबलू शुक्ला ने भी अपना विचार रखा।अतिथियों का युवा अध्यक्ष पंकज कुमार ने अभिनंदन किया।कार्यक्रम में स्वागत परिचय और संचालन ब्रजेश शर्मा ने किया।धन्यवाद ज्ञापन महेश सिंह ने किया।
इस अवसर पर सोनू कुमार,डॉक्टर शुभम कुमार,सीमा शर्मा, रामानुज शर्मा,रजनीश राय,अश्वनी,अनुराग,राम बोल कुंवर, राजाराम सिंह,राम सिंह,आनंदेश्वर सिंह,रामसागर सिंह,तारा देवी,रूबी सिंह,हरिशंकर तिवारी,वीरेंद्र तिवारी,प्रेम सागर सिंह, अरविंद कुमार,निरंजन कुमार,विवेक कुमार,कमलेश शर्मा, भोला राय सहित अन्य उपस्थित थे।