पूर्वांचल सूर्य संवाददाता,रांची।राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार गुरुवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में कहा कि यह अवसर केवल विद्यालय की उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और रचनात्मकता का प्रमाण है। राज्यपाल ने कहा कि डीपीएस रांची ने अनुशासन, ज्ञान और उत्कृष्टता की गौरवशाली परंपरा स्थापित की है और इसकी गिनती रांची के प्रतिष्ठित विद्यालयों में की जाती है।
विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ कला,संस्कृति और पर्यावरण जैसे विषयों में भी विद्यार्थियों को जागरूक व सक्षम बना रहा है। साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ओलंपियाड प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करने के लिए विद्यालय परिवार को बधाई दी।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन की सफलता केवल अंकों से नहीं आंकी जा सकती। असली परीक्षा यह है कि कठिनाइयों के समय धैर्य, ईमानदारी और आत्मविश्वास बनाए रखें। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री का परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम विद्यार्थियों को यही प्रेरणा देता है कि परीक्षा को उत्सव की तरह लें, न कि तनाव का कारण बनने दें। परीक्षा दबाव का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का अवसर है।
भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उल्लेख करते हुए इसी राज्यपाल ने कहा कि कलाम जी हमेशा कहते थे कि सपना वह नहीं है जो हम सोते समय देखते हैं, सपना वह है जो हमें सोने नहीं देता। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बड़े सपने देखें,कड़ी मेहनत करें और अपने अनुशासन एवं चरित्र से राज्य और देश का नाम रोशन करें।
राज्यपाल ने कहा कि हर विद्यार्थी के भीतर असीम ऊर्जा और क्षमता छिपी होती है। आवश्यकता है उसे पहचानने और सही दिशा देने की। इसमें शिक्षकों और अभिभावकों दोनों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। राज्यपाल ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों पर केवल अंकों और परिणाम का दबाव न डालें, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और सकारात्मक वातावरण दें। शिक्षा तभी सार्थक है जब बच्चा अनुशासित और चरित्रवान बने।
राज्यपाल ने विद्यालय प्रबंधन से भी आह्वान किया कि वे गरीब एवं मेधावी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने में सहयोग करें।यदि विद्यालय ऐसे बच्चों की मदद करेगा, तो वे भविष्य में सफल होकर विद्यालय और समाज का नाम रोशन करेंगे और आपके योगदान को सदा स्मरण करेंगे।