खाद किल्लत के बीच यूरिया को भगवान मानकर पूजा कर रहे किसान,घर लाकर बोरी की उतारी आरती

खाद किल्लत के बीच यूरिया को भगवान मानकर पूजा कर रहे किसान,घर लाकर बोरी की उतारी आरती

28 Aug 2025 |  25

 

रायबरेली।उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में किसानों को खाद नहीं मिल रही है।खाद की किल्लत के बीच किसानों को बड़ी ही मुश्किल से यूरिया मिला।ऐसे में किसानों ने यूरिया को भगवान का दर्जा दिया और बोरी की आरती उतारी। किसानों का कहना है कि यूरिया मिलना भगवान से वरदान मिलने जैसा है।इसी के बाद किसानों ने यूरिया खाद की आरती उतारी। खाद की बोरी की आरती उतारते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।वायरल वीडियो डलमऊ तहसील का बताया जा रहा है।

 

किसान रूपेश मौर्य को 8 बीघे खेत के लिए यूरिया की जरूरत थी,लेकिन लंबे इंतजार के बाद रूपेश को सिर्फ एक बोरी यूरिया मिली।एक बोरी यूरिया खाद मिलने पर किसान बोरी की पूजा करने लगे।

 

सरकारी दावों में जिले के सरकारी गोदामों से लेकर पैक्स की समितियों पर यूरिया की खाद की कोई कमी नहीं,लेकिन किसान परेशान है।किसान निजी दुकानों से सौ रुपये अधिक प्रतिबोरी के हिसाब से यूरिया खाद खरीद रहा है। पच्चीस समतियों में पैसा जमा होने के बाद भी खाद नहीं मिल पायी है। कहा जाता है कि प्रक्रिया के चलते थोड़ा समय लग जाता है,लेकिन सच यही है कि किसानों को समितियों से पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है।

 

जिले में यूरिया की कमी सरकारी आंकड़ों में तो नहीं है,लेकिन किसान परेशान है।किसानों को एक बोरी यूरिया के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है।बड़े किसानों को तो इस किल्लत से कोई समस्या नहीं हो रही है,लेकिन छोटे किसानों पर सीधा इसका असर पड़ रहा है।समितियों से खाद न मिलने के कारण किसानों को निजी दुकानदारों के यहां से खाद लेनी पड़ रही है।निजी दुकानदार सौ रुपये प्रतिबोरी अधिक दर लेकर ही यूरिया दे रहें है।

 

कुचरिया के किसान रमेश ने बताया कि तीन बोरी खाद खरीदी निर्धारित दर से तीन सौ रुपए अधिक दिया तब जाकर मिली। समिति में खाद होती तो यह समस्या न होती है। यह एक बानगी भर है जनपद में यही हालात कई जगहों पर बने हुए है।

 

विभाग की मानें तो बफर में 2289 मिट्रिक टन यूरिया है जबकि समितियों में 582 मिट्रिक टन है। इसी तरह 329 मिट्रिक टन बफर में तो 895 समितियों में है। इसी तरह एनपीके 11 मिट्रिक टन बफर में तो 765 मिट्रिक टन समितियों में खाद है। सहकारिता विभाग की मानें तो 160 के सापेक्ष 143 में यूरिया पर्याप्त मात्रा में है,लेकिन किसानों को मिल नहीं रही है। 

 

इस बाबत एआर सहकारिता रामसागर चौरसिया ने बताया कि यूरिया की कमी कहीं नहीं है। बीस समितियों में गुरुवार को 504 मिट्रिक टन यूरिया पहुंच जाएगी। इस समय 143 समितियों में यूरिया खाद पर्याप्त मात्रा में मौजूद है।

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