रोजगार सेवक पर 5 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप, व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग होने का दावा,ग्रामीणों ने उपायुक्त को सौंपा आवेदन,निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
रोजगार सेवक पर 5 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप, व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्डिंग होने का दावा,ग्रामीणों ने उपायुक्त को सौंपा आवेदन,निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
31 Jul 2026 | 21
पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि
लातेहार।मनिका प्रखंड की रांकीकला पंचायत में कार्यरत रोजगार सेवक महताब आलम पर मनरेगा योजनाओं में 5 प्रतिशत कमीएशन मांगने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उपायुक्त संदीप कुमार को आवेदन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि कथित रूप से कमीशन नहीं देने पर योजनाओं से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं,जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।उपायुक्त को दिए गए आवेदन में पिंटू यादव,शिवनंदन यादव,उदय यादव,संतोष कुमार, बलवंत कुमार,सद्दाम हुसैन,अक्लीम अंसारी सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।आवेदन के अनुसार पंचायत में संचालित मनरेगा योजनाओं के लाभुकों और ग्रामीणों से योजना राशि का 5 प्रतिशत देने की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सेवक ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि 5 प्रतिशत राशि नहीं दी गई तो संबंधित योजनाओं के कागजात पर हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे।ग्रामीणों का कहना है कि इस कारण कई योजनाओं का कार्य प्रभावित हो रहा है और लाभुकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि कथित कमीशन मांगने से संबंधित व्हाट्सएप कॉल की रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन मामले की जांच कराता है तो वे उक्त रिकॉर्डिंग सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्य जांच टीम को उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। उनका कहना है कि रिकॉर्डिंग और अन्य तथ्यों की जांच से पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है।
ग्रामीणों ने उपायुक्त संदीप कुमार से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित रोजगार सेवक के विरुद्ध नियमों के अनुरूप कड़ी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और विकास कार्यों को गति देना है। यदि किसी स्तर पर अनियमितता या अवैध वसूली की शिकायत सामने आती है तो इससे योजना की पारदर्शिता और आम लोगों का विश्वास प्रभावित होता है। इसलिए मामले की शीघ्र जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई आवश्यक है।