प्रभु श्रीराम का सूर्यदेव ने किया तिलक, पीएम मोदी ने किया लाइव दर्शन

प्रभु श्रीराम का सूर्यदेव ने किया तिलक, पीएम मोदी ने किया लाइव दर्शन

27 Mar 2026 |  28

 



अयोध्या।रामनगरी अयोध्या में रामनवमी के पावन अवसर पर दोपहर 12 बजे प्रभु श्रीराम का भव्य सूर्य तिलक हुआ। लगभग 4 मिनट तक सूर्य की नीली किरणें प्रभु श्रीराम के ललाट पर पड़ती रहीं।इस खगोलीय घटना को देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं ने सीधा प्रसारण के जरिए देखा।प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह प्रभु श्रीराम का दूसरा सूर्य तिलक है।



इस अलौकिक दृश्य को साकार करने के लिए वैज्ञानिकों ने विशेष उपकरणों का किया था निर्माण



इस अलौकिक दृश्य को साकार करने के लिए बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने विशेष उपकरणों का निर्माण किया था,इसका परीक्षण 24 मार्च को ही पूरा कर लिया गया था।रामनवमी के अवसर पर प्रभु श्रीराम को पीले रंग के वस्त्र पहनाए गए और जन्मोत्सव के समय गर्भगृह में 14 विशेष पुजारी मौजूद रहे। 



पीएम मोदी ने किया लाइव दर्शन 



प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी प्रभु श्रीराम के दर्शन किए।रामनवमी के अवसर पर पीएम ने प्रभु श्रीराम की पूजा-अर्चना की और राम मंदिर में सूर्य तिलक अनुष्ठान देखा। पीएमओ की ओर से एक तस्वीर जारी की गई है,जिसमें पीएम लाइव टीवी पर राम मंदिर में हो रहे अनुष्ठान को देख रहे हैं।



जानें सीएम योगी ने क्या कहा 



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूर्यवंश शिरोमणि प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर विराजित यह स्वर्णिम सूर्य तिलक आस्था,आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक है।

सीएम ने कहा कि यह तिलक सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ,भारत के जन-जन के हृदय में श्रद्धा,शक्ति और स्वाभिमान का संकल्प-सूर्य प्रज्वलित कर रहा है।यह भारत को उसकी मूल आत्मा से पुनः जोड़ रहा है।

सीएम ने कहा कि प्रभु श्री राम के दिव्य सूर्य तिलक का आलोक विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत के संकल्पों को दिशा दे रहा है,क्योंकि जहां राम हैं,वहीं राह है, और वहीं भारत उजास बनकर जगमगाता है।



वैज्ञानिकों की मेहनत और राम-त्व का संगम



बता दें कि बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने सूर्य की गति का गहन अध्ययन कर ये खास उपकरण तैयार किए हैं।इन उपकरणों की डिजाइन ऐसी है कि अगले 19 सालों तक सूर्य की गति में होने वाले बदलावों के बावजूद किसी छेड़छाड़ की जरूरत नहीं होगी।दोपहर 12 बजे जैसे ही सूर्य की किरणें राम मंदिर के ऊपरी हिस्से से टकराईं,वे परावर्तित होकर सीधे प्रभु श्रीराम के ललाट पर तिलक के स्वरूप में उभर आईं।इस पूरे नजारे को कैद करने के लिए मंदिर परिसर में 6 विशेष कैमरे लगाए गए थे और दूरदर्शन समेत सोशल मीडिया पर इसका सीधा प्रसारण किया गया।



दर्शन के समय में बदलाव,सुरक्षा के इंतजाम



रामनवमी पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन के समय में विस्तार किया गया है।श्रद्धालु सुबह 5 बजे से लेकर रात 11 बजे तक प्रभु श्रीराम का दर्शन कर सकेंगे।हालांकि सूर्य तिलक के विशेष अनुष्ठान के दौरान सुरक्षा और गरिमा बनाए रखने के लिए सूर्य तिलक से आधा घंटा पहले और आधा घंटा बाद तक वीआईपी पास के जरिए प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।आरती पास धारकों के लिए ट्रस्ट ने एक अलग लाइन की व्यवस्था की है।आम दिनों में दर्शन का समय सुबह 6:30 से रात 9:30 बजे तक रहता है, लेकिन आज यह उत्सव देर रात तक चलेगा।


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