रांची। हेमंत सोरेन सरकार ने झारखंड में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर सीट की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग को भेजा है।झारखंड के तीन नए मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है और इस संबंध में विभिन्न विषयों में सीट की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है, जिसके तहत दुमका में 21, हजारीबाग में 30 और पलामू में 21 सीट बढ़ाने की सिफारिश की गई है।
बता दें कि झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार शाम जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में स्नातक सीट की संख्या 100 से बढ़ाकर इस वर्ष 150 कर दी गई है।इसी के अनुरूप दुमका,हजारीबाग और धनबाद के मेडिकल कॉलेजों में भी स्नातक सीट की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। प्रस्ताव अप्रूव होने के बाद सीटों की संख्या बढ़ जाएगी।
रिम्स में भी बढ़ सकती हैं सीटें
इसके अलावा रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में स्नातक सीट की संख्या 180 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव भी एनएमसी को भेजा गया है।सरकार ने जमशेदपुर में पीजी सीट की संख्या 45 से बढ़ाकर 51 करने और धनबाद में सीट की संख्या बढ़ाकर 25 करने का भी प्रस्ताव रखा है। ऐसे में झारखंड के कई मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ जाएगी।
क्या बोले अतिरिक्त मुख्य सचिव
अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद दुमका,हजारीबाग और पलामू के मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर अध्ययन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पीजी सीट की संख्या में वृद्धि से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर होगी और झारखंड के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। लोगों को इलाज के लिए डॉक्टरों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।