गोस्वामी तुलसीदास जयंती का भव्य आयोजन

गोस्वामी तुलसीदास जयंती का भव्य आयोजन

20 Aug 2026 |  45

गोस्वामी तुलसीदास जयंती का भव्य आयोजन



तुलसीदास जी का साहित्य भारतीय संस्कृति और संस्कारों का अमूल्य धरोहर:चंद्रशेखर चौधरी



पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि



रजरप्पा।कोयलांचल में सरस्वती विद्या मंदिर,रजरप्पा प्रोजेक्ट में बुधवार को भक्तिकालीन कवि गोस्वामी तुलसीदास की जयंती के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के सचिव चंद्रशेखर चौधरी और प्रभारी मिथिलेश कुमार खन्ना ने संयुक्त रूप से गोस्वामी तुलसीदास के चित्र के पास दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया।



इस अवसर पर सचिव चंद्रशेखर चौधरी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास केवल महान कवि ही नहीं,बल्कि भारतीय संस्कृति, भक्ति और लोकमंगल की भावना को जन-जन तक पहुंचाने वाले महान संत थे।उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को समाज के सामने रखा और लोकभाषा में रामचरितमानस की रचना कर धर्म, संस्कार एवं मानवीय मूल्यों को जनसामान्य के जीवन से जोड़ा। उनका साहित्य आज भी हमें सत्य, कर्तव्य, मर्यादा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।



प्रभारी मिथिलेश कुमार खन्ना ने कहा कि तुलसीदास जी का संपूर्ण साहित्य भारतीय जीवन-दर्शन और आध्यात्मिक चेतना का प्रतिबिंब है।उन्होंने रामचरितमानस के माध्यम से श्रीराम के चरित्र को आदर्श जीवन का आधार बनाकर समाज को त्याग, सेवा, समर्पण और मर्यादा का संदेश दिया। तुलसीदास जी की रचनाएँ केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणास्रोत हैं। आज के विद्यार्थियों के लिए उनके विचार और आदर्श विशेष रूप से प्रासंगिक हैं।



कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बीच भाषण और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही भैया-बहनों द्वारा रामचरितमानस की दोहों और चौपाइयों का भावपूर्ण वाचन किया गया। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने तुलसीदास के जीवन,व्यक्तित्व,कृतित्व और शिक्षाओं पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने तुलसीदास के जीवन-प्रसंगों,रामचरितमानस की झलकियों और भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन को आकर्षक चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भैया-बहनों को पुरस्कृत किया गया।



इस अवसर पर प्रांतीय सुलेख,चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। कक्षा द्वितीय और तृतीय के विद्यार्थियों के लिए सुलेख,चतुर्थ और पंचम के लिए चित्रकला और षष्ठ से द्वादश तक के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित विभिन्न विषयों पर निबंध प्रतियोगिता संपन्न हुई। प्रत्येक वर्ग से श्रेष्ठ तीन प्रतिभागियों का चयन किया गया, जिन्हें प्रांतीय स्तर की प्रतियोगिता में विद्यालय का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।



कार्यक्रम का संचालन आचार्या ललिता गिरी ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्या गायत्री कुमारी, बच्चूलाल तिवारी, सेखर कुमार, अमित झा, इंद्रजीत सिंह, रोहित राज, अमृता चौधरी, ज्योति कुमारी सहित विद्यालय के अन्य आचार्य-आचार्याओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


ट्रेंडिंग