झारखंड और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच एमओयू हस्ताक्षरित,ऑनलाइन माध्यम से सीएम सोरेन समारोह में हुए शामिल 

झारखंड और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच एमओयू हस्ताक्षरित,ऑनलाइन माध्यम से सीएम सोरेन समारोह में हुए शामिल 

03 Jun 2026 |  18

 



 पूर्वांचल सूर्य संवाददाता



 रांची।जल जीवन मिशन दो के तहत झारखंड सरकार और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।नई दिल्ली में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। इस समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से ऑनलाइन माध्यम से सम्मिलित हुए।समारोह का शुभारम्भ केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद के बीच अभिवादन आदान-प्रदान से हुई।



समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री जल शक्ति मंत्रालय वी सोमन्ना, हेमंत सोरेन सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद,सचिव,जल शक्ति मंत्रालय,प्रबंध निदेशक,राष्ट्रीय जल जीवन मिशन,केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



समझौता हस्ताक्षर समारोह को संबोधित करते हुए सीएम हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज जल जीवन मिशन के इस महत्वकांक्षी योजना के तहत राज्य एवं केंद्र सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है।इस कार्यक्रम में हम सभी लोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े हैं। सीएम सोरेन ने कहा कि यह एमओयू आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। सीएम सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष, 2019 से जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य के साथ संकल्पित होकर आगे बढ़ रहा है। 



सीएम सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार भी इस बात से सहमत है कि मिशन मोड में जल जीवन मिशन योजना का लाभ झारखंड के प्रत्येक घरों तक पहुंचाई जाए, राज्य सरकार इस निमित्त केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों को गति देने को लेकर निरंतर प्रयासरत है।सीएम सोरेन ने कहा कि हर घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को पूरा करने में हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। यह बात सही है कि इस योजना के सफल संचालन के लिए झारखंड की भौगोलिक संरचना बहुत अनुकूल नहीं है।झारखंड प्रदेश की ग्रामीण संरचना वन क्षेत्रों में स्थापित है। सरकारी कार्यालय सहित एनएचआई, डीवीसी के कार्यों के साथ-साथ अन्य जलस्रोत स्पॉट पर जल सप्लाई का कार्य होता है, यही कारण है कि इस कार्य के लिए कभी-कभी एनओसी की समस्या होती है। 



सीएम सोरेन ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के साझा प्रयास से एनओसी से जुड़ी समस्याओं का समाधान निकला जा सकता है, एनओसी की समस्या का त्वरित समाधान से कार्य योजना को ससमय पूर्ण किया जा सकेगा।सीएम सोरेन ने कहा कि इन योजनाओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने लगभग 30 हजार जल सहियाओं की नियुक्ति की है। जल सहिया दीदियों द्वारा पेयजल व्यवस्था को संचालित किया जा रहा है। राज्य सरकार जल सहियाओं को प्रति माह दो हजार रुपए मानदेय देती है। 



सीएम सोरेन ने जल सहियाओं के मानदेय के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता दिए जाने का आग्रह किया और जल जीवन मिशन योजना में जल सहिया कंपोनेंट को जोड़ने का भी आग्रह किया।समझौता समारोह का समापन एमओयू के दिशा-निर्देशों के शीघ्र क्रियान्वयन और चल रही परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने के आह्वान के साथ हुआ,ताकि झारखंड के हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल पहुंचाया जा सके।


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