सपा मुखिया अखिलेश यादव का तंज,आग लगी है या लगाई गई है,शॉर्ट सर्किट या सबूत मिटाने की साजिश

सपा मुखिया अखिलेश यादव का तंज,आग लगी है या लगाई गई है,शॉर्ट सर्किट या सबूत मिटाने की साजिश

28 Mar 2026 |  16

 



लखनऊ।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय में 19 मार्च की रात को लगी आग अब सवालों के घेरे में है।आधिकारिक तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट बताया गया है,लेकिन विभागीय सूत्रों का दावा है कि आग में प्रदेश स्तर की सड़क परियोजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें, आकलन दस्तावेज और कंप्यूटर उपकरण जल गए।हाल के महीनों में जारी हुए सैकड़ों करोड़ के टेंडरों को लेकर विवाद भी सामने आ चुके थे,ऐसे में इस घटना को लेकर भ्रष्टाचार छिपाने की आशंका जताई जा रही है।



निर्माण भवन में प्रमुख अभियंता कार्यालय परिसर के कक्ष संख्या A-014 आंबेडकर सेल में 19 मार्च की रात कंप्यूटर उपकरण में आग लग गई। 20 मार्च सुबह जब कमरा खोला गया तो अंदर धुआं भरा हुआ था,लेकिन आग खुद बुझ चुकी थी।विभाग के अधिकारी के मुताबिक आग एक कमरे तक सीमित रही,किसी अन्य कक्ष में नहीं फैली और किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज या अभिलेख को नुकसान नहीं पहुंचा।



विभाग ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई का दावा भी किया था। हालांकि विभागीय सूत्र इस आधिकारिक बयान से बिल्कुल अलग हैं उनके मुताबिक आग में सड़क निर्माण से जुड़ी अहम फाइलें,अनुमान दस्तावेज और कंप्यूटर पूरी तरह जल गए। सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में जारी हुए सैकड़ों करोड़ रुपये के टेंडरों में कई विवादास्पद मामले सामने आए थे,ऐसे में यह आग संदेहास्पद लग रही है।



पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस घटना पर एक्स पर तीखा तंज कसा है।अखिलेश यादव ने एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा,चाहे फाइलें जल जाएं या कुछ और हो जाए,नई सरकार आएगी तो भ्रष्टाचार की जांच करवाएगी,अब क्या सड़क गायब कर देंगे।अखिलेश ने इशारे में कहा कि भले ही फाइलें नष्ट हो जाएं,लेकिन सड़क परियोजनाएं गायब नहीं हो सकतीं। 2027 के विधानसभा चुनावों में नई सरकार आने पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। अखिलेश ने यह भी संकेत दिया कि आग की घटना भ्रष्टाचार के सबूत मिटाने की कोशिश हो सकती है।अखिलेश का इशारा हाल के दिनों मे टेंडर को लेकर है।



सूत्रों का कहना है कि पिछले महीने बसपा से जुड़े एक विधायक के घर पर हुई छापेमारी के बाद यह आग और भी संदिग्ध लग रही है।विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं,लेकिन विपक्ष इसे सबूत नष्ट करने की साजिश बता रहा है।सवाल अभी बाकी आग लगी है या लगाई गई है,यह सवाल अभी अनसुलझा है।


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