पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,गिरिडीह।जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के मधगोपाली पंचायत के दूधपनिया गांव के निवासी प्रवासी मजदूर विजय कुमार महतो की मौत को लगभग तीन महीने बीत चुके हैं,लेकिन उनका शव अब तक सऊदी अरब से भारत नहीं लाया जा सका है। 24 अक्टूबर 2025 को जेद्दा में पुलिस और अपराधियों संभावित शराब तस्करों के बीच हुई गोलीबारी में फंसकर विजय को गलती से गोली लगी थी,जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
विजय कुमार महतो (उम्र लगभग 26-27 वर्ष)एक वर्ष से अधिक समय से सऊदी अरब की हुंडई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी में टावर लाइन फिटर के रूप में कार्यरत थे। परिवार के मुताबिक 15 अक्टूबर 2025 की शाम को विजय ने अपनी पत्नी बसंती देवी को एक वॉइस मैसेज भेजा था, जिसमें उन्होंने बताया था कि पुलिस किसी अन्य व्यक्ति पर गोली चला रही थी,लेकिन गलती से गोली उन्हें लग गई। अस्पताल में भर्ती होने के बाद 24 अक्टूबर को उन्होंने दम तोड़ दिया।मृतक की पत्नी बसंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।उनके दो छोटे बेटे ऋषि (5 वर्ष) और रौशन (3 वर्ष) हैं। शव न आने से घर में चूल्हा नहीं जल रहा है और पूरा परिवार हर दिन शव के इंतजार में तड़प रहा है। विजय के बुजुर्ग माता-पिता भी इस सदमे से बुरी तरह टूट चुके हैं।
परिवार बार-बार सरकार,विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से अपील कर रहा है कि शव को जल्द भारत लाया जाए और उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि अंतिम संस्कार हो सके और परिवार को कुछ सहारा मिल सके।
प्रवासी मजदूरों के हित में कार्यरत समाजसेवी सिकंदर अली ने बताया कि इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग विदेशों में मजदूरी करते हैं। ऐसी घटनाओं में शव वापसी और मुआवजा प्राप्त करना अक्सर लंबी प्रक्रिया बन जाती है। कई महीनों तक शव विदेश में पड़ा रहता है,जिससे परिवारों को अतिरिक्त मानसिक पीड़ा होती है। सिकंदर अली ने झारखंड सरकार,केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास से अपील की है कि मामले में तेजी लाई जाए और विजय के शव को शीघ्र स्वदेश भेजा जाए।
झारखंड श्रम विभाग ने घटना के तुरंत बाद भारतीय दूतावास से संपर्क किया था और दूतावास ने सऊदी अधिकारियों के साथ समन्वय कर जांच पूरी होने और आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद शव रिपेट्रिएशन की प्रक्रिया शुरू की।हालांकि जांच के कारण देरी हो रही है,जिससे परिवार का दर्द और बढ़ गया है।