राम मंदिर का कौन बनेगा पहला सीईओ,5200 आवेदनों की हो रही स्क्रीनिंग

राम मंदिर का कौन बनेगा पहला सीईओ,5200 आवेदनों की हो रही स्क्रीनिंग

29 Jul 2026 |  7

 



अयोध्या।राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद राम मंदिर के व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं।राम मंदिर के पहले सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है। इस पद के लिए 5200 से अधिक आवेदन आए हैं।इन सभी आवेदनों की स्क्रीनिंग और लिस्टिंग का काम सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता में गठित कमेटी कर रही है।इस प्रक्रिया में समय लगेगा।इसी को ध्यान में रखकर यहां सचिव का नया पद सृजित करने का निर्णय लिया गया था।



दो सितंबर से पटरी पर आ जाएगी दर्शन पास व्यवस्था



श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि दर्शन पास को लेकर कुछ बातें सामने आई हैं। इसके कारण श्रद्धालुओं को भी असुविधा हो रही है,लेकिन इस समस्या का समाधान दो सितंबर को ट्रस्ट की बैठक के बाद हो जाएगा। मोहन ने बताया कि तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में पास व्यवस्था के प्रभारी सोमेश आनंद से जिम्मेदारी वापस ले ली गई है।उन्हें बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम में जिम्मेदारी दी गई है। फिलहाल उनके स्थान पर किसी दूसरे को नहीं नियुक्त किया गया है। वहां पहले से मौजूद कार्यकर्ताओं की टीम आपस में मिलजुल कर व्यवस्था संभालेगी।



ट्रस्ट-एसबीआई में खाते के संचालन पर गतिरोध खत्म



श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच खातों के संचालन को लेकर चल रहा गतिरोध समाप्त होने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण के परियोजना प्रबंधक इंजीनियर जगदीश आफले को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता बनाए जाने संबंधी नया प्रस्ताव (रेजोल्यूशन) पारित कर एसबीआई को भेज दिया है। अब बैंक ने औपचारिक स्वीकृति के बाद खातों का संचालन शुरू कर दिया है।



बता दें कि 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के त्यागपत्र स्वीकार किए जाने के बाद अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं में बदलाव का निर्णय लिया गया था। इसके तहत अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और पूर्व अभियंता जगदीश आफले के नाम बैंक को भेजे गए थे,लेकिन ट्रस्ट डीड के प्रावधानों के आधार पर एसबीआई ने जगदीश आफले के ट्रस्टी नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए कानूनी राय मांगी थी,जिससे खाता संचालन में अस्थायी गतिरोध पैदा हो गया।सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट में इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई।



वेतन और भुगतान पर पड़ा था असर



खाता संचालन में आई रुकावट का असर ट्रस्ट के वित्तीय कार्यों पर भी पड़ा था। लगभग 1000 कर्मचारियों की जून महीने की सैलरी समय पर जारी नहीं हो सकी थी। इसके अलावा ट्रस्ट से जुड़ी विभिन्न आउटसोर्सिंग एजेंसियों के भुगतान भी प्रभावित हुए। केवल आवश्यक अधिष्ठापन संबंधी भुगतान ही किए जा सके, जबकि अन्य बिलों पर हस्ताक्षर नहीं हो पाए। हालांकि एसबीआई के मुख्य महाप्रबंधक दिपेश राज ने कहा था कि एसबीआई और ट्रस्ट के बीच कोई विवाद नहीं है।


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