पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि
इटखोरी/चतरा।प्रखंड की कुछ पंचायतों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ पंचायतों में मुखिया और पंचायत सचिव की मिलीभगत से सरकारी योजनाओं में भारी वित्तीय अनियमितता बरती गई है।आरोप है कि लाखों रुपये की राशि का खर्च दिखा दी गई,जबकि धरातल पर कार्य की गुणवत्ता देखने से दिखाई गई खर्च की राशि पर संदेह बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायतों में लगाए गए सीमेंट की कुर्सियों की खरीद और अधिष्ठापन में निर्धारित लागत से अधिक राशि खर्च दिखाई गई।वहीं कई जगह सड़क,पेवर ब्लॉक निर्माण और अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है।कुछ निर्माण कार्य बारिश की पहली ही फुहार में क्षतिग्रस्त होने लगे।
इसके अलावा पंचायतों में स्थापित किए गए विज्ञान केंद्र एवं डिजिटल सिस्टम पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर उपकरण या तो बंद पड़े हैं या उनका उपयोग नहीं हो रहा,जबकि इनके नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया गया है।
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सभी योजनाओं का तकनीकी एवं वित्तीय ऑडिट कराया जाए तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।