भारतीय ज्ञान परंपरा पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुईं उपासना मरांडी

भारतीय ज्ञान परंपरा पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुईं उपासना मरांडी

22 May 2026 |  29

 



पूर्वांचल सूर्य संवाददाता



पाकुड़।महेशपुर प्रखंड के घाटचोरा स्थित डिग्री कॉलेज में गुरुवार को भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में झारखंड मुक्ति मोर्चा केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी शामिल हुईं। कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर मसूद अहमद द्वारा उपासना मरांडी को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।यह संगोष्ठी झारखंड उच्च एवं तकनीकी शिक्षा परिषद और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित की गई। कार्यक्रम में शिक्षा के भारतीय मूल्यों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा भारतीय ज्ञान परंपरा की समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा की गई।यह संगोष्ठी कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर कुणाल कांडिर और एसकेएमयू के रजिस्ट्रार डॉक्टर राजीव रंजन शर्मा के संरक्षण में संपन्न हुई।



कार्यक्रम में शिक्षाविदों,शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भारतीय शिक्षा प्रणाली की ऐतिहासिक विरासत और उसके वर्तमान स्वरूप पर अपने विचार साझा किए।अपने संबोधन में उपासना मरांडी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं,बल्कि वर्तमान और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक है।



 उपासना मारांडी ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।विशेष रूप से आदिवासी समाज के पारंपरिक ज्ञान, लोक संस्कृति और सामाजिक अनुभवों को भारतीय ज्ञान प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बताते हुए उपासना मारांडी ने 

कहा कि इन मूल्यों को शिक्षा के मुख्य प्रवाह से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ आधुनिक शिक्षा को अपनाने का आह्वान किया। 



कार्यक्रम में डिग्री कॉलेज महेशपुर के अमित सोरेन, जितेंद्र कुमार रजक, पिंटू कुमार, सामू सुमन हांसदा, डॉक्टर रामचंद्र राणा सहित महाविद्यालय परिवार के शिक्षकगण, कर्मी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।


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