झारखंड में पहली बार समूह में नक्सलियों का सरेंडर

झारखंड में पहली बार समूह में नक्सलियों का सरेंडर

22 May 2026 |  21

 



पूर्वांचल सूर्य संवाददाता 



रांची।झारखंड अलग राज्य गठन होने के बाद पहली बार 25 से अधिक नक्सलियों ने एक साथ अपने हथियार डाल दिए हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने भारी संख्या में हथियार और कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं।आत्मसमर्पण करने वालों में 25 भाकपा (माओवादी) और 2 जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के सदस्य हैं। इनमें आठ नक्सलियों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इन सभी के खिलाफ मिलकर कुल 426 नक्सलियाें के मामले दर्ज हैं।



 पहली बार इतनी बड़ी सफलता



झारखंड में सीआरपीएफ,पुलिस और खुफिया विभाग का प्रयास अब जमीन पर दिख रहा है।पिछले एक महीने से सारंडा में सक्रिय दो दर्जन से ज्यादा नक्सली हथियार के साथ जंगल से निकलने का प्रयास कर रहे थे,जिसे सुरक्षाबलों ने सुरक्षित जंगल से बाहर निकाल लिया है।



धुर्वा स्थित झारखंड पुलिस मुख्यालय में गुरुवार दिन के 11 बजे आयोजित विशेष कार्यक्रम में सभी नक्सली एक साथ आधिकारिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के साथ-साथ नक्सलियों ने आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी पुलिस को सौंपा है,जिनमें लाइट मशीन गन, 5 इंसास राइफल, 9 एसएलआर राइफल, 1 बोल्ट-एक्शन राइफल, 1 पिस्टल, 31 मैगजीन, 3000 राउंड जिंदा कारतूस शामिल हैं। 



  इन नक्सलियों ने किया सरेंडर



गादी मुंडा उर्फ गुलशन (निवासी- बुण्डू, रांची), जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था। इसके खिलाफ चाईबासा, सरायकेला, रांची और खूंटी में कुल 48 मामले दर्ज हैं।



नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा उर्फ मुखिया (निवासी- अड़की, खूंटी) जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था। चाईबासा और सरायकेला में 38 मामले दर्ज हैं।



रेखा मुंडा उर्फ जयंती (निवासी- बुण्डू, रांची)- 5 लाख का इनामी, चाईबासा और सरायकेला में 18 मामले दर्ज हैं।



सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल (निवासी- गोइलकेरा, चाईबासा)- 5 लाख का इनामी, चाईबासा में 123 मामले दर्ज।



करण तियू (निवासी- गोइल केरा, चाईबासा)- 2 लाख रुपये का इनामी, चाईबासा में 29 मामले दर्ज।



दर्शन उर्फ बिंज हांसदा (निवासी- छोटानगरा, चाईबासा)- 5 लाख का इनामी, चाईबासा में 14 मामले।



सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा (निवासी- छोटानगरा, चाईबासा)- 5 लाख इनामी, चाईबासा में 13 मामले दर्ज।



बासुमती जेराई उर्फ बासू (निवासी- किरीबुरू, चाईबासा)- 1 लाख का इनामी, चाईबासा में 14 मामले।



बैजनाथ मुंडा (निवासी- तमाड़, रांची)- चाईबासा में 4 मामले दर्ज हैं।



रघु कायम उर्फ गुणा (निवासी- मुफसिल, चाईबासा)- चाईबासा में 19 मामले।



किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका (निवासी- टोंटो, चाईबासा)- चाईबासा में 11 मामले.



राम दयाल मुण्डा (निवासी- तमाड़, रांची)- सरायकेला और चाईबासा में कुल 4 मामले।



वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुण्डा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, नुअस, बुमली तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम और लादू तिरिया इन सभी के ऊपर चाईबासा और अन्य थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। 



जेजेएमपी संगठन के दो सदस्यों ने भी किया सरेंडर



जेजेएमपी संगठन के दो सदस्यों ने भी आत्मसमर्पण किया है। इनमें गुमला के अपर घाट का रहने वाला सचिन बैक और कलिगा का रहने वाला श्रवण शामिल है। सचिन बैक पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था और गुमला में उसके खिलाफ छह मामले दर्ज हैं। वहीं, श्रवण गोप के खिलाफ गुमला में 8 मामले दर्ज हैं।


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