पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,चतरा।शुक्रवार को समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिला उपायुक्त कीर्तिश्री जी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभागीय टीबी फोरम और को-मॉर्बिडिटी कमिटी की बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिले में टीबी उन्मूलन की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई और टीबी मरीजों के समुचित उपचार,जांच और जागरूकता अभियान को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने कहा कि टीबी मरीजों के परीक्षण एवं दवा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा जांच की संख्या बढ़ाई जाए। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी मरीज अपने उपचार की पूरी अवधि का कोर्स अनिवार्य रूप से पूरा करें,इसके लिए संबंधित पदाधिकारी मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग करते रहें।उपायुक्त ने टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने पर बल दिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि योजना के तहत मरीजों को उपचार अवधि तक प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है।
उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने सभी इलाजरत मरीजों को पोषण टोकरी उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।साथ ही अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। उपायुक्त ने कहा कि सभी टीबी मरीजों की एचआईवी एवं डायबिटीज की जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि सभी-रोगों की समय पर पहचान और उपचार हो सके।
बैठक में यक्ष्मा विभाग में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने,जिला यक्ष्मा केन्द्र, चतरा में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन की सुविधा शुरू करने पर भी बल दिया गया, ताकि अधिक से अधिक मरीजों की स्क्रीनिंग संभव हो सके।
टीबी मुक्त पंचायत अभियान को गति देने का निर्देश देते हुए
उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने कहा कि जिले की अधिक से अधिक पंचायतों को टीबी मुक्त बनाया जाए। जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 में जिले के कुल 6 पंचायतों का चयन टीबी फ्री पंचायत के लिए किया गया है।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जगदीश प्रसाद,जिला कार्यक्रम प्रबंधक संगीता लूशी,जिला कार्यक्रम समन्वयक (टीबी) विक्रांत कुमार,जिला परिषद सदस्य निशा कुमारी,ओमप्रकाश वर्मा,यक्ष्मा रोगी प्रतिनिधि कंसल्टेंट,अभिमन्यु कुमार पत्रकार,राजकुमार सिंह,अधिवक्ता नवीन मिश्रा,अनु शंकर गुप्ता,मनोज कुमार पाण्डेय,संजय यादव,मोहम्मद सरफराज सहित अन्य उपस्थित थे।