नोएडा।जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को झुमका गिरने वाली बरेली को सीधे जोड़ने की बहुप्रतीक्षित योजना अब धरातल पर दिख रही है।यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने वाले इस लिंक रोड से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोग इससे सीधा लाभान्वित होंगे।इसका पहला चरण शुरू हो चुका है और इसे क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस योजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे से गंगा एक्सप्रेसवे तक एक नया लिंक रोड विकसित किया जा रहा है।यह लिंक रोड जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे बरेली की ओर जाने वाले ट्रैफिक को आसान बनाएगा।वर्तमान में बरेली से नोएडा या दिल्ली एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए आगरा,अलीगढ़ या अन्य शहरों से होकर लंबा दूरी का रास्ता तय करना पड़ता है।
नए लिंक रोड से जेवर एयरपोर्ट से झुमका गिरने वाली बरेली की दूरी लगभग 40 से 45 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। अभी जहां यह सफर 6 से 7 घंटे तक का हो जाता है, वहीं यह रूट तैयार होने के बाद 4 घंटे के भीतर पूरा हो सकेगा।इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि समय की भी बड़ी बचत होगी।
अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा किया जाएगा।पहला चरण शुरू हो चुका है और लक्ष्य रखा गया है कि वर्ष 2027 तक यह कनेक्टिविटी पूरी तरह चालू कर दी जाए।निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी तरह की तकनीकी दिक्कत न आए।
बता दें कि इस लिंक रोड से एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से पश्चिमी यूपी के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।बरेली,बदायूं,शाहजहांपुर,मुरादाबाद और आसपास के जिलों से माल की ढुलाई अब नोएडा और दिल्ली-एनसीआर तक तेज और सस्ती हो सकेगी।लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए यह कनेक्टिविटी बेहतर साबित हो सकती है।बरेली और आसपास के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक अब पर्यटकों की पहुंच आसान होगी।जेवर एयरपोर्ट से सीधे आने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए यह रूट सुविधाजनक रहेगा।
बता दें कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के बाद यह लिंक रोड उसकी उपयोगिता को कई गुना बढ़ा देगी।बरेली और पश्चिमी यूपी के यात्रियों को अब दिल्ली या लखनऊ एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा,वे सीधे जेवर एयरपोर्ट से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का लाभ ले सकेंगे।इस लिंक रोड के आसपास रियल एस्टेट गतिविधियों में तेजी आएगी। नई टाउनशिप,वेयरहाउस,होटल और कमर्शियल प्रोजेक्ट विकसित हो सकते हैं।इसके साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।