प्रेमिका सना के लिए सरहद पार करके पाकिस्तान पहुंचे बादल बाबू ने कबूला इस्लाम,भारत लौटने से किया इनकार

प्रेमिका सना के लिए सरहद पार करके पाकिस्तान पहुंचे बादल बाबू ने कबूला इस्लाम,भारत लौटने से किया इनकार

02 Jan 2026 |  12

 



अलीगढ़।फेसबुक पर दोस्ती के बाद सना रानी के प्यार में सरहद पार करके पाकिस्तान पहुंचे उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के बरला के बादल बाबू ने सजा तो पूरी कर ली है,लेकिन जुर्माना न भर पाने की वजह से अभी उसे कुछ दिन और जेल में रहना पड़ेगा।बादल के केस की पैरवी कर रहे अधिवक्ता फियाज रामे ने नए साल पर वीडियो डालकर इसका खुलासा किया है।



फियाज रामे ने कहा है कि लाहौर जेल में बंद बादल से उनकी मुलाकात हुई है।बादल ने बताया है कि उसने पूरी तरह से इस्लाम धर्म कबूल कर लिया है, वह अब पाकिस्तान में ही रहना चाहता है। उसने भारत लौटने से मना कर दिया है। हालांकि नियमों के तहत वह पाकिस्तान में नहीं रह सकता है। इसलिए उसे डिपोर्ट ही किया जाएगा।



मिली जानकारी के अनुसार बरला के गांव खिटकारी के बादल बाबू को 27 दिसंबर 2024 को पाकिस्तान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने वीजा या दस्तावेज मांगे तो बादल नहीं दे सका था,इसके बाद उसे जेल भेज दिया था। 30 अप्रैल को बादल को एक साल कैद की सजा सुनाई गई। बादल के पिता कृपाल सिंह ने दिल्ली के एक मित्र के माध्यम से पाकिस्तान के कराची के अधिवक्ता फियाज रामे से संपर्क किया था, जो बादल के केस की पैरवी कर रहे हैं।फियाज रामे ने कुछ दिन पहले वीडियो डालकर बताया था कि बादल ने सजा पूरी कर ली है। उसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। एक सप्ताह में उसे भारत वापस भेज दिया जाएगा। एक जनवरी 2026 को फियाज रामे ने एक वीडियो डाला,इसमें कहा है कि वह जिला जेल लाहौर में मौजूद हैं।बादल की सजा पूरी हो चुकी है,उसे डिपोर्ट करने की प्रक्रिया को साझा कर रहे हैं। आज उनकी बादल से मुलाकात हुई है, इसे लेकर विस्तृत वीडियो डालने की बात कही। इसके बाद कृपाल सिंह ने अधिवक्ता फियाज रामे से संपर्क करने का प्रयास किया,लेकिन बात नहीं हो सकीं। हालांकि देर रात फियाज रामे ने एक और वीडियो डाली। इसमें बताया कि पाकिस्तान के गृह मंत्रालय से अनुमति के बाद उन्होंने लाहौर जेल में बादल से मुलाकात की है। बादल ने सजा पूरी कर ली है,लेकिन वह जुर्माना नहीं भर पाया है। इसलिए उसे कुछ दिन और अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। सना रानी के मिलने के सवाल उसने बताया कि जेल में सना उससे मिलने के लिए नहीं आई। इसे लेकर और कुछ बातें हैं, जिसके बारे में फियाज रामे ने जल्द ही जानकारी साझा करने को कहा है।



बादल को लेकर परिवार की चिंता बढ़ी



इस खुलासे के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है।बादल बाबू के पिता कृपाल सिंह ने बताया कि वकील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बादल बाबू से बात कराने की बात कही थी,लेकिन ऐसा नहीं हो सका है।कृपाल ने कहा कि कुछ समझ नहीं आ रहा है। मेरे पास तो इतने रुपये भी नहीं है कि जुर्माना भर पाऊं।कृपाल ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करके बादल की सुरक्षित वतन वापसी कराएं।



जेल में बादल ने पढ़ी नमाज,रह रहा है अलग बैरक में



अधिवक्ता फियाज रामे ने बताया कि बादल ने जेल में रोजाना नमाज पढ़ी है।जेल में उसकी हर जरूरतों का ख्याल रखा गया,वह अलग बैरक में रह रहा है,किसी तरीके की कोई परेशानी नहीं है,वह पाकिस्तान में ही रहना चाहता है। उसे किसी किस्म का नुकसान न पहुंचाया जाए।फियाज रामे ने कहा कि सरकार का फैसला होता है कि अगर कोई कैदी सजा पूरी कर ले तो वापस डिपोर्ट ही किया जाता है। इसे लेकर भारतीय एंबेसी से संपर्क किया जाएगा। पाक सरकार को एप्लीकेशन दी जाएगी, जिस पर सरकार की ओर से फैसला लिया जाएगा। हालांकि बादल कब तक वापस आएगा, इसका खुलासा अभी नहीं कर सकते। जल्द ही इसे लेकर जानकारी दी जाएगी।



बता दें कि गांव खिटकारी नगला निवासी कृपाल सिंह मजदूरी करते हैं।कृपाल सिंह के तीन बेटे और एक बेटी हैं।मझला बेटा बादल बाबू दिल्ली की एक एक्सपोर्ट कंपनी में बतौर रेडीमेड कपड़ों की सिलाई का कार्य करता था।फेसबुक के जरिए पाकिस्तान के प्रांत लाहौर से लगभग 240 किलोमीटर दूर मंडी बहाउददीन के माउंग गांव की 21 वर्षीय सना रानी से दोस्ती हो गई। 2 जनवरी 2024 को पहली बार बादल सना से मिलने सरहद पार कर गया।पाकिस्तान की आर्मी ने बादल को  पकड़कर भारतीय सेना के हवाले कर दिया।इसके बाद 20 जुलाई को भी बादल सरहद पार कर पाकिस्तान पहुंच गया। दूसरी बार भी पाकिस्तान की सेना ने भारतीय सेना को सौंप दिया। सेना के जवानों ने बादल के पिता कृपाल सिंह से संपर्क कर बाघा बार्डर बुलाकर उनके के हवाले कर दिया। 23 नवंबर को बादल दिल्ली से गांव आया।चार दिन बाद वापस दिल्ली चला गया। 22 दिसंबर 2024 को बादल सरहद पार कर प्रेमिका सना से मिलने उसके गांव माउंग पाकिस्तान पहुंच गया।दो दिन तक उसके घर पर रहा।मां बेटी ने उसे घर से भगा दिया तो वहीं नबाब असगर के यहां नौकरी लगा ली।बादल को बकरी चराने काम दिया गया। बकरी चराने के दौरान जब उसके साथी उससे बात करते थे तो वह अपनी भाषा में बात करता था। शक होने पर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। 27 दिसम्बर को सदर थाने के इंस्पेक्टर अंजुम शहजाद ने बादल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बादल सबकुछ सच बताया कि वह सरहद पार कर यहां सना से मिलने आया है।फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई थी। 10 जनवरी 2025 को पुलिस ने बादल को न्यायालय में पेश किया,जहां से बहाउददीन मंडी जेल भेज दिया।पुलिस ने सना से भी पूछताछ की।सना ने पुलिस को बताया कि वह उससे प्यार नहीं करती है।पाकिस्तान की तमाम जासूस एजेंसियों ने जांच भी की। पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की,जिसमें बादल पर सरहद पार करने का ही आरोप पाया गया। 13 मई को न्यायालय ने बादल को एक साल की सजा सुनाई। इसके बाद बहाउददीन मंडी जेल से पाकिस्तान की किसी दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया।


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