राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भाजपा पर बोला हमला,बोले-फुनगी को फांसी,शाखाओं को माफी,चढ़ावा चोरी एफआईआर से पहले एस‌आईटी के बहाने सबूत साफ

राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भाजपा पर बोला हमला,बोले-फुनगी को फांसी,शाखाओं को माफी,चढ़ावा चोरी एफआईआर से पहले एस‌आईटी के बहाने सबूत साफ

25 Jun 2026 |  6

 



लखनऊ।राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गुरुवार को रामजन्म भूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसमें आठ लोगों को नामजद किया गया है। नामजद लोगों में ट्रस्ट का कोई पदाधिकारी नहीं है।ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है।अखिलेश यादव ने दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाया है।अखिलेश ने पुरानी कहावत के बहाने भाजपा पर निशाना साधते हुए एफआईआर से पहले एसआईटी की जांच को सबूत मिटाने की कवायद करार दिया है।



पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सबसे पहले राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का आरोप लगाया था।इसके बाद अन्य विपक्षी दलों और अयोध्या के साधु संतों ने भी राम मंदिर ट्रस्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।राम मंदिर आंदोलन में शामिल रहे राम भक्तों की तरफ से भी इसे लेकर हमला तेज हुआ तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी जांच का आदेश दिया।बिना एफआईआर ही एसआईटी जांच के आदेश पर भी सवाल उठा था।एसआईटी ने जांच शुरू की और एक हफ्ते बाद सोमवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट भी शासन को सौंप दी।



अब अखिलेश यादव ने एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद हुई एफआईआर को लेकर आरोप लगाया है।अखिलेश ने कहा कि यह सबूत साफ करने का षड्यंत्र है।अखिलेश ने पुरानी कहावत के जरिए एक्स पर लिखा कि भाजपा राज में नाइंसाफ़ी की दिखेगी ये झांकी,फुनगी को फांसी,शाखाओं को मिलेगी माफ़ी।अर्थात जांच के बाद भी केवल छोटे मुहरों को ही आरोपी बनाकर सजा दी जाएगी। बड़े लोगों को बचा लिया जाएगा।



अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि जनता कह रही है कि पहले एस‌आईटी के बहाने सारे सबूत साफ़ कर दिये गये होंगे और ये निश्चित कर लिया गया होगा कि किन बड़ी मछलियों को बचाना है और किसको फंसाना है,उसके बाद एफआईआर हो रही है।लगता है एस‌आईटी को पहले रिपोर्ट बनाकर दे दी गई होगी और उसके हिसाब से जांच की गई होगी,मतलब निष्कर्ष पहले निकाल लिया गया होगा।



बता दें कि ट्रस्ट की तहरीर पर ही गुरुवार को आठ लोगों को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है।विपक्षी नेता और अन्य लोग लगातार ट्रस्ट के पदाधिकारी चंपत राय, विनोद राव और अनिल मिश्रा पर चोरी का आरोप लगा रहे हैं। जबकि एफआईआर में इन लोगों का नाम नहीं है। इसे लेकर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी सवाल उठाए हैं। गुरुवार को ही संजय सिंह ने चंपत राय के खिलाफ एसआईटी को जमीन घपलेबाजी के सबूत सौंपे हैं।


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