राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दानघाटी मंदिर में की पूजा-अर्चना, पैदल शुरू की सप्तकोशीय परिक्रमा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दानघाटी मंदिर में की पूजा-अर्चना, पैदल शुरू की सप्तकोशीय परिक्रमा

21 Mar 2026 |  12

 



मथुरा।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय धार्मिक दौरे के आखिरी दिन शनिवार को गोवर्धन पहुंचीं,यहां राष्ट्रपति ने सबसे पहले गोवर्धन के प्रसिद्ध दानघाटी मंदिर में गिरिराज महाराजा का अभिषेक,पूजा-अर्चना की और आरती में शामिल हुईं।इसके बाद दानघाटी से गोवर्धन की प्रसिद्ध 21 किलोमीटर पैदल परिक्रमा शुरू की।



दानघाटी मंदिर पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भव्य स्वागत किया गया,इसके बाद उन्होंने पूरी विधि-विधान के साथ गिरिराज धरण की जय के उद्घोष के बीच 11 लीटर दूध,दही,शहद,घी और बुरा से गिरिराज महाराज का दुग्धाभिषेक किया।मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से राष्ट्रपति को गिरिराज जी की चांदी की प्रतिमा,पीतांबर और विशेष प्रसाद भेंट स्वरूप प्रदान किया गया।



इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दानघाटी मंदिर से परिक्रमा शुरू की।सुरक्षा और सुविधा के लिए गोल्फ कार्ट का इंतजाम होने के बावजूद राष्ट्रपति ने श्रद्धा स्वरूप कई स्थानों पर पैदल चलकर परिक्रमा की।गिरिराज जी की सप्तकोशीय परिक्रमा श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।राष्ट्रपति की इस यात्रा को लेकर पूरे मथुरा और गोवर्धन क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।



बता दें कि 19 मार्च को अयोध्या से शुरू हुआ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ये दौरा राम जन्मभूमि दर्शन के बाद अब ब्रज की पावन भूमि पर संपन्न हो गया।ब्रज क्षेत्र की आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार द्वापर युग से ही ब्रज क्षेत्र में तीन तत्व (गिरिराज जी, ब्रज भूमि और यमुना नदी) अनंत माने जाते हैं। राष्ट्रपति ने इन परंपराओं का सम्मान करते हुए काफी समय मंदिर परिसर में बिताया।


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