इस मंदिर में झूठी कसम खाते ही चली गई आंखों की रोशनी,मान्यता सुनकर रह जाएंगे हैरान

इस मंदिर में झूठी कसम खाते ही चली गई आंखों की रोशनी,मान्यता सुनकर रह जाएंगे हैरान

24 Feb 2026 |  11

 



म‌ऊ।उत्तर प्रदेश धार्मिक स्थलों का गढ़ है।हर जिले में हर मंदिरों का अपना अलग महत्व है।मऊ जिले में एक मंदिर है,इस मंदिर की मान्यता है कि यहां कोई झूठी कसम नहीं खाता है।अगर कोई झूठी कसम खा भी लिया तो उसके साथ अनहोनी होती है और उसे उसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।



झूठी कसम खाने से आंखों की चली गई थी रोशनी



करहा में बिरादरी मठ 300 साल पुराना मंदिर है।इस मंदिर की मान्यता है कि यहां कोई झूठी कसम नहीं खाता है।अगर कोई झूठी कसम खा भी लिया तो उसके साथ अनहोनी होना तय है।एक बार ऐसा हुआ कि एक व्यक्ति यहां आकर झूठी कसम खाया और कहा कि यदि मैं झूठ बोल रहा हूं तो मेरी आंखों की रोशनी चली जाए घर जाते-जाते उसकी रोशनी चली गई।यह मामला एक दो लोगों के साथ नहीं सैकड़ों लोगों के साथ हो चुका है।अब यहां कोई झूठी कसम नहीं खाता है।



झूठी कसम खाने से हर कोई डरता



यहां एक बहुत बड़ा आदमी आकर झूठी कसम खा लिया और उसी का खामियाजा भुगता की वह गरीब हो गया।तब से इस मंदिर पर कोई झूठी कसम नहीं खाता है हर कोई झूठी खाने से यहां डरता है।इस मंदिर की मान्यता है कि यहां बाबा घनश्याम दास जब यहां प्रकट हुए लोग उनके ऊपर विश्वास करना शुरू किया।उन्होंने सिद्धि प्राप्त करते हुए इस मंदिर पर समाधि ले लिया और समाधि लेते हुए उन्होंने कहा कि यहां कोई झूठी कसम खाएगा तो परेशान होगा तब से यहां लोग झूठी कसम नहीं खाते हैं।



गंगाजल जैसे सरोवर के पानी में भी नहीं पड़ते कीड़े



मंदिर के बाहर एक सरोवर है।इस सरोवर का कभी पानी नहीं सूखता और खास बात यह है कि जैसे गंगा जल के पानी में कीड़े नहीं पड़ते वैसे ही इस सरोवर से निकले हुए पानी में कभी कीड़े नहीं पड़ते।मंदिर परिसर के बाहर बने हुए सरोवर में यदि कोई स्नान करके झूठी कसम खा लिया तो उसके साथ अनहोनी होना तय है।यही कारण है कि इस सरोवर में स्नान करने के बाद कोई झूठी कसम नहीं खाता है,क्योंकि झूठी कसम खाने वालों को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ा है।



कसम खाने से आंख की रोशनी चली गई 



लोगों की कसम खाने से आंख की रोशनी तक चली गई। हालांकि इस मंदिर पर साल में दो बार भव्य मेले का आयोजन होता है,जहां लोग बड़ी श्रद्धा से पूजा पाठ करते हैं। प्रतिदिन इस मंदिर पर सुबह से शाम तक भक्तों की भीड़ लगी रहती है। यहां बाबा घनश्याम दास की समाधि पर माथा टेकने से हर मन्नत भी पूरी होती है।


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