गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा में सोमवार को तनख्वाह बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री के मजदूरों ने जमकर हंगामा और बवाल किया था।पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और हिंसा फैलने वाले आरोपियों की धड़पकड़ कर रही है।
सीपी लक्ष्मी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर दी अहम जानकारी
इस मामले में गुरुवार को गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अहम जानकारी दी।सीपी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम के पीछे एक सोची-समझी गहरी साजिश थी,जिसमें सीमा पार यानी पाकिस्तान के सोशल मीडिया हैंडल का भी इस्तेमाल किया गया।
मजदूरों को भड़काया गया
सीपी लक्ष्मी सिंह ने बताया है कि पाकिस्तानी के दो एक्स हैंडल से पोस्ट करके मजदूरों को भड़काया गया था।बीपीएन का गलत इस्तेमाल किया गया।सीपी ने बताया कि अब तक की जांच में पुलिस ने 3 मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान की है,जिनमें दो आरोपियों की पहचान रुपेश रॉय और मनीषा चौहान के रूप में हुई है तो आदित्य आनंद फरार है।सीपी ने बताया कि हिंसा के दौरान तीनों नोएडा में ही मौजूद थे,तीनों मुख्य साजिशकर्ता राष्ट्रवादी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया के सदस्य हैं।तीनों पर श्रमिकों को भड़काऊ भाषण देने का भी आरोप है।
13 मुकदमे, 62 गिरफ्तार
सीपी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि दो एक्स हैंडल भी मिले हैं,जो कि MEER ILAYASI और AYUSHI TIWARI के नाम से पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे।दोनों एक्स हैंडल करीब 3 महीने से एक्टिव थे।सीपी ने बताया कि श्रमिकों के प्रदर्शन,आगजनी को लेकर अबतक कुल 13 मुकदमे लिखे गए और 62 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है,जिसमें साजिशकर्ता,आगजनी करके वाले और उपद्रवी तत्व शामिल हैं।
सीपी ने पहले मीडिया को बताया था...
सीपी लक्ष्मी सिंह ने इससे पहले मीडिया को बताया था कि किस तरह कुछ वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए और क्यूआर कोड के जरिए इसमें लोगों को जोड़कर उन्हें भड़काया गया।प्रदर्शन से पहले ही कई व्हाट्सएप ग्रुप और सोशल मीडिया अकाउंट तैयार किए गए थे। सीपी ने बताया कि इन डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल सूचनाएं देने के लिए नहीं,बल्कि गलत और भ्रामक जानकारियां फैलाने के लिए किया गया था।
कैसी है स्थिति
बता दें कि क्षेत्र में इस समय हालात सामान्य हैं।हिंसा के बाद पूरे जिले में पुलिस पूरी तरह सतर्क है।नोएडा और ग्रेटर नोएडा दोनों क्षेत्रों में पुलिस के आला अधिकारी लगातार सड़क पर मार्च कर रहे हैं।संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।अधिकतर फैक्ट्री खुल चुकी हैं और मजदूर काम पर लौट आए हैं।
हिंसा में कितना हुआ नुकसान
बता दें कि नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन लगभग एक हफ्ते से जारी था,सोमवार को हुई हिंसा में कई फैक्ट्रियों,गाड़ियों में तोड़फोड़ और कुछ वाहनों में आगजनी की गई थी।