आईसेक्ट विश्वविद्यालय में मृदा संरक्षण को लेकर किया गया सेमिनार का आयोजन 

आईसेक्ट विश्वविद्यालय में मृदा संरक्षण को लेकर किया गया सेमिनार का आयोजन 

07 Dec 2023 |  45

आईसेक्ट विश्वविद्यालय में मृदा संरक्षण को लेकर किया गया सेमिनार का आयोजन 

 

हाइड्रोपोनिक तकनीक से खेती किसानों के लिए लाभदायक :डॉ मुनीष गोविंद 

 

प्रतिनिधि,हजारीबाग। आईसेक्ट विश्वविद्यालय हजारीबाग के तरबा-खरबा स्थित मुख्य कैंपस सभागार में मृदा संरक्षण को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक की अध्यक्षता में एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक, कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद, डीन एडमिन डॉ एसआर रथ, सीएस एंड आईटी डीन डॉ विनोद कुमार, कृषि विभाग डीन डॉ अरविंद कुमार समेत अन्य के हाथों दीप प्रज्ज्वलित कर सेमिनार की शुरुआत की गई। 

 

सभी अतिथियों का कार्यक्रम में स्वागत करते हुए कृषि विभाग डीन डॉ अरविंद कुमार ने मृदा संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बड़ी संख्या में मौजूद विद्यार्थियों को बताई। उन्होंने जैविक खेती को अहम बताया और इसे बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। 

 

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ मुनीष गोविंद ने कृषि के क्षेत्र अपनाई जा रही नई तकनीकों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मिट्टी समस्त जीव के लिए अहम है।इसलिए मृदा संरक्षण की महत्ता अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाना तो जरूरी है।साथ ही कृषि के नए तकनीकों को अपनाया जाना भी जरूरी है। उन्होंने हाईड्रोपोनिक तकनीक से भी खेती करने की सलाह लोगों को दी। उन्होंने कहा कि फायदे के इस दौड़ में हमने मिट्टी की सेहत खराब कर दी है, जिस पर ध्यान देना हम सभी का दायित्व है।

 

 सेमिनार की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ पीके नायक ने कहा कि जमीन की ऊपरी परत जिसे हम मृदा कहते हैं। इसका निर्माण करने में प्रकृति को काफी वक्त लगता है। इसकी सेहत का ख्याल रखना जरूरी है और जिस तरह हमलोग अंधाधुंध रासायनिक खादों और दवाइयों का उपयोग कर रहे हैं।समय-समय पर मिट्टी परीक्षण कराकर मिट्टी की सेहत को जानना किसान भाइयों के लिए बेहद जरूरी है, ताकि अच्छी उपज के साथ साथ मिट्टी की सेहत भी बरकरार रहे। 

 

डॉ सत्यप्रकाश ने माइक्रोवेव्स में मृदा की उपलब्धता, प्रो. प्रिया सिंह ने मृदा संरक्षण के उपाय और प्रो. फरहीन ने मृदा मानव जीवन के कितना उपयोगी है, इसकी विस्तृत जानकारी दी। सीएस एंड आईटी विभाग डीन डॉ विनोद कुमार ने भी किसानों की वर्तमान और पूर्व की स्थिति पर चर्चा करते हुए इस ओर आवश्यक सुधार की जरूरत बताई। मंच संचालन कृषि विभाग के विभागाध्यक्ष प्रभात किरण व धन्यवाद ज्ञापन छात्रा पल्लवी कुमारी ने किया।

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